पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से पुलिस विभाग को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। चंपारण रेंज के डीआईजी हरिकिशोर राय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लखौरा थाना प्रभारी प्रवीण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। थाना प्रभारी पर जेल में बंद एक कुख्यात अपराधी से कथित संपर्क रखने, व्हाट्सएप पर लगातार बातचीत करने, महंगे उपहार लेने और केस में मदद के नाम पर रिश्वत लेने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है, जबकि पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
जानकारी के अनुसार, कई आपराधिक मामलों में जेल में बंद राहुल सिंह के एक रिश्तेदार ने डीआईजी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के साथ व्हाट्सएप चैट, तस्वीरें और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे गए। आरोप है कि थाना प्रभारी अपराधी के संपर्क में रहते थे और केस में राहत दिलाने के बदले आर्थिक लाभ व महंगे उपहार स्वीकार करते थे।
शिकायत मिलने के बाद डीआईजी हरिकिशोर राय ने मामले की प्रारंभिक जांच कराई। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और दस्तावेजों की समीक्षा की गई। आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
डीआईजी हरिकिशोर राय ने कहा कि यह कार्रवाई पुलिस विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की गहन जांच जारी है और यदि आगे ठोस साक्ष्य सामने आते हैं तो विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक अब जांच टीम व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड और संभावित वित्तीय लेन-देन की भी जांच करेगी।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में मोतिहारी पुलिस पहले भी विवादों में रही है। इससे पहले तुरकौलिया थाना में कथित 35 लाख रुपये की रिश्वत और जब्ती मामले में भी थाना प्रभारी को निलंबित किया गया था, जिसकी जांच आर्थिक अपराध इकाई और पुलिस की विशेष टीम कर रही है।
अब इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि जांच के निष्कर्ष न केवल दोषियों की जिम्मेदारी तय करेंगे, बल्कि पुलिस विभाग की पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून व्यवस्था में जनता के भरोसे की भी बड़ी परीक्षा साबित होंगे।







