नवादा में चौंकाने वाला मामला: विधवा के खाते में दिखे 740 करोड़ रुपये, बैलेंस देखकर बिगड़ी तबीयत


बिहार के नवादा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने बैंक कर्मचारियों से लेकर आम लोगों तक को हैरान कर दिया। विधवा पेंशन निकालने पहुंची एक महिला के बैंक खाते में अचानक 740 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई देने लगी। इतना बड़ा बैलेंस देखकर महिला की तबीयत बिगड़ गई, जबकि बैंक में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
यह घटना नवादा शहर के वार्ड नंबर-28 स्थित नीम टोला की रहने वाली रेखा देवी के साथ हुई। रेखा देवी अपने दिवंगत पति उदय नारायण पांडे की विधवा पेंशन के तहत मिलने वाले 1,100 रुपये निकालने बैंक पहुंची थीं। राशि निकालने के बाद उन्होंने अपने खाते में बची रकम की जानकारी मांगी। जब बैंक कर्मियों ने बैलेंस चेक किया तो स्क्रीन पर 740 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895 रुपये की राशि दिखाई दी।

इतनी बड़ी रकम देखकर पहले बैंक कर्मचारी खुद हैरान रह गए। कई बार दोबारा बैलेंस चेक किया गया, लेकिन हर बार वही राशि स्क्रीन पर दिखाई देती रही। दूसरी ओर, करोड़ों रुपये का बैलेंस देखकर रेखा देवी घबरा गईं और उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें संभाला और घर ले गए। फिलहाल उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।

रेखा देवी ने बताया कि वह हार्ट की मरीज हैं और उन्होंने जीवन में कभी इतनी बड़ी रकम नहीं देखी। खाते में इतना पैसा देखकर उन्हें डर लगने लगा कि कहीं किसी तरह की परेशानी में न फंस जाएं।

घटना की जानकारी मिलते ही बैंक परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। कोई इसे बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ी बता रहा था तो कोई इसे चमत्कार मानकर चर्चा करने लगा।

उधर, बैंक प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में इसे तकनीकी त्रुटि माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम में आई गड़बड़ी के कारण गलत बैलेंस प्रदर्शित हुआ है और विस्तृत जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। बैंक ने भरोसा दिलाया है कि ग्राहक को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

Related Posts

भागलपुर में 6 माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत, 10 महीने पहले हुई थी शादी; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

भागलपुर में 6 माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत, 10 महीने पहले हुई थी शादी; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

चलती ट्रेन बनी डिलीवरी रूम: तीन महिला डॉक्टरों ने प्रसूता और नवजात की बचाई जान, पेश की मानवता की मिसाल

चलती ट्रेन बनी डिलीवरी रूम: तीन महिला डॉक्टरों ने प्रसूता और नवजात की बचाई जान, पेश की मानवता की मिसाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *