बिहार के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में एक निकाह समारोह उस समय हिंसक झड़प में बदल गया, जब भोज के दौरान ‘खस्सी’ (मटन) की जगह ‘मुर्गा’ (चिकन) परोसे जाने को लेकर बाराती और शराती आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे तथा लात-घूंसे चलने लगे। घटना में दूल्हा पक्ष के आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिनका इलाज अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर के वार्ड संख्या-12 बलवापार निवासी मो. अनवर के पुत्र मो. अब्दुल्ला उर्फ चांद का निकाह महिषी प्रखंड के राजनपुर निवासी मो. जाविद उर्फ मोटो की पुत्री के साथ तय था। रविवार दोपहर करीब तीन बजे दोनों का निकाह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इसके बाद बारातियों के लिए भोज का आयोजन किया गया।
दूल्हा पक्ष का आरोप है कि निकाह से पहले उन्हें भोज में खस्सी का मांस परोसने की बात कही गई थी, लेकिन भोजन के दौरान चिकन परोसा गया। इसी बात को लेकर पहले दोनों पक्षों में बहस हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गई। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और समारोह का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मारपीट में मो. आशिक, मो. इरफान, मो. हसन, मो. अब्बास, मो. जब्बार, मो. आतिफ और मो. महबूब सहित कई लोग घायल हो गए। सभी घायल बलवापार वार्ड संख्या-12 के निवासी बताए गए हैं। घायलों को तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घायल मो. इरफान ने आरोप लगाया कि भोजन को लेकर विवाद होने के बाद लड़की पक्ष के लोगों ने अचानक हमला कर दिया, जिससे उनके परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। घटना के बाद दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ है। दूल्हा पक्ष ने पुलिस से शिकायत करने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
संवाददाता: इन्द्रदेव, सहरसा






