बिहार के सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत डरहार पंचायत में गुरुवार की शाम कोसी नदी में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच पशुओं के लिए चारा लेकर लौट रही एक नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। नाव पर सवार छह महिलाएं, एक बच्चा और एक पुरुष सहित कुल आठ लोग नदी में गिर पड़े। मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन स्थानीय मुखिया राम कुमार की सूझबूझ और साहस के कारण सभी लोगों की जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, कोसी नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण डरहार पंचायत और आसपास के गांवों के लोगों को पशुओं के लिए चारा जुटाने दूर-दराज के इलाकों में जाना पड़ रहा है। ग्रामीण रोजाना नाव के सहारे नदी पार कर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। गुरुवार की शाम भी एक नाव चारा लेकर लौट रही थी। इसी दौरान नदी के तेज बहाव और असंतुलन के कारण नाव पलट गई और उस पर सवार सभी आठ लोग नदी में डूबने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसी समय स्थानीय मुखिया राम कुमार अपनी नाव से वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया। अपनी जान की परवाह किए बिना उन्होंने एक-एक कर सभी लोगों को सुरक्षित नाव पर चढ़ाया और किनारे तक पहुंचाया। उनकी त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद इलाके में मुखिया राम कुमार के साहस और मानवता की जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बचाव नहीं किया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित नाव संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, पर्याप्त नावें उपलब्ध कराई जाएं तथा राहत और बचाव के आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ के दौरान उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। यह घटना एक बार फिर कोसी क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों और बाढ़ प्रभावित लोगों की मजबूरियों को सामने लाती है।
संवाददाता: इन्द्रदेव, सहरसा






