आगामी श्रावणी मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर भागलपुर एवं मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त की अध्यक्षता में प्रमंडल स्तरीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), दोनों प्रमंडलों के सभी जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के प्रमंडलीय और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में विभागवार तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान गृह विभाग ने कानून-व्यवस्था, पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती, महिला पुलिस बल, होमगार्ड, स्वयंसेवकों, भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम और खोया-पाया केंद्र की तैयारियों की जानकारी दी। वहीं नगर विकास विभाग ने सफाई, पेयजल, सार्वजनिक शौचालय, हाईमास्ट लाइट, स्ट्रीट लाइट और हेल्पलाइन व्यवस्था की प्रगति से अवगत कराया।
पथ निर्माण विभाग ने कांवरिया पथ और संपर्क मार्गों की मरम्मत, गड्ढामुक्त सड़कों तथा संकेतक बोर्ड लगाने की जानकारी दी। ऊर्जा विभाग ने निर्बाध बिजली आपूर्ति, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर और बैकअप व्यवस्था पर प्रस्तुतीकरण दिया। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, चिकित्सकों की तैनाती और जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा कराई।
बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा होटल और भोजनालयों की जांच, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता परीक्षण तथा मूल्य नियंत्रण की तैयारियों पर चर्चा हुई। आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत एवं बचाव दलों की तैनाती, जबकि जल संसाधन विभाग ने गंगा के जलस्तर की निगरानी और घाटों की सुरक्षा को लेकर अपनी योजना प्रस्तुत की।
भारतीय रेल के अधिकारियों ने भी विशेष ट्रेनों के संचालन, स्टेशन पर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, हेल्प डेस्क, पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा सेवाओं की तैयारियों की जानकारी दी।
बैठक के अंत में आयुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां तय समयसीमा में पूरी कर ली जाएं। वहीं पुलिस महानिरीक्षक ने सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और संवेदनशील स्थलों की निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम यात्रा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे।






