बिहार के सहरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत सुलिंदाबाद वार्ड संख्या-43 में बिजली के करंट की चपेट में आने से ढाई वर्षीय मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और विभागीय लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मृत बच्ची की पहचान अमित सादा की ढाई वर्षीय पुत्री सुमन कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सुमन घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान वह बिजली के नंगे तार की चपेट में आ गई, जिससे उसे तेज करंट लगा। परिजन तुरंत उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से बिजली के नंगे तार लटक रहे थे। कई बार बिजली विभाग को इसकी शिकायत भी की गई, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते तारों की मरम्मत कर दी जाती, तो मासूम की जान बच सकती थी। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। सदर थाना के एसआई शेएव अख्तर ने बताया कि पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर जाम समाप्त कराया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर बिजली व्यवस्था और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में लटक रहे सभी नंगे तारों को तत्काल बदला जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
संवाददाता : इन्द्रदेव जी






