भागलपुर में युवती की संदिग्ध मौत पर बढ़ा विवाद, जन सुराज प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

भागलपुर शाहबाज नगर मौलाना चक निवासी नाज़िया की संदिग्ध मौत को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मृतका के परिजनों ने इसे हादसा नहीं बल्कि हत्या का मामला बताते हुए प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, जन सुराज पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच की मांग की है।

 

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परिजनों के अनुसार, नाज़िया 30 जून 2026 की सुबह सैंडिस कंपाउंड में वॉक के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इसके बाद उसकी तलाश की गई और अगले दिन 1 जुलाई 2026 को उसका शव बरामद हुआ। मृतका के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है, लेकिन प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उनका यह भी कहना है कि घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है।

 

परिजनों ने कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि नाज़िया जिस कपड़े में घर से निकली थी, शव पर वह कपड़ा नहीं था। इसके अलावा गले और छाती पर चोट के निशान भी मिले हैं, जिससे उन्हें हत्या की आशंका और मजबूत लग रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

 

इसी क्रम में जन सुराज पार्टी, भागलपुर का एक प्रतिनिधिमंडल क्षेत्रीय प्रभारी मुंगेर राकेश यादव के नेतृत्व में पीड़ित परिवार से मिला। प्रतिनिधिमंडल में जिला महामंत्री मो. साबिर, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अध्यक्ष नजरूल हक, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष मुजम्मिल, नगर युवा संयोजक पीयूष मिश्रा, विजय गुप्ता, आकाश दास, नवाज आलम, आफताब आलम, मो. गुड्डू, प्रोफेसर अजीत कुमार, मो. नाज़ आलम सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

 

 

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