धनसार स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में सोमवार को भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की पारंपरिक स्नान यात्रा श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुई। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच तीनों विग्रहों का पवित्र जल से महाअभिषेक किया गया। स्नान यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सनातन परंपरा के अनुसार स्नान यात्रा के उपरांत भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए अज्ञातवास (अनवसर काल) में चले जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि विशेष स्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, इसलिए इस अवधि में उन्हें विश्राम दिया जाता है। इस दौरान मंदिर का गर्भगृह श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बंद रहेगा और भगवान की विशेष सेवा, उपचार तथा पूजा-अर्चना की जाएगी।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार अज्ञातवास की अवधि पूरी होने के बाद भगवान पुनः भक्तों को दर्शन देंगे। इसके बाद बहुप्रतीक्षित रथ यात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष धनसार जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा 16 जुलाई को निकाली जाएगी।
रथ यात्रा को लेकर मंदिर समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिर परिसर की सजावट, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। हर वर्ष की तरह इस बार भी रथ यात्रा में धनबाद सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
स्नान यात्रा के साथ ही अब श्रद्धालुओं की निगाहें 16 जुलाई को निकलने वाली भव्य रथ यात्रा पर टिकी हैं। मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल बना हुआ है और भक्त भगवान के पुनः दर्शन तथा रथ यात्रा के शुभ अवसर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
संवाददाता : nitish kumar, धनबाद





