बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान कदाचार और पेपर लीक की साजिश के खिलाफ सहरसा, खगड़िया और जमुई में बड़ी कार्रवाई हुई है। सहरसा में पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जबकि खगड़िया में एक दर्जन से अधिक युवकों को गिरफ्तार किया गया। वहीं जमुई में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ पकड़े गए एक परीक्षार्थी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सहरसा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर चंदन कुमार, चंदन कुमार और विवेक यादव को हिरासत में लिया। इनमें एक चंदन कुमार निजी स्कूल में शिक्षक बताया जा रहा है। तलाशी के दौरान इनके पास से ब्लैंक चेक, पासबुक, मोबाइल फोन, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस को मगध विश्वविद्यालय के प्रमाणपत्र और अन्य संदिग्ध कागजात भी मिले हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह अभ्यर्थियों से परीक्षा में सेटिंग कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। एक अभ्यर्थी से करीब आठ लाख रुपये लेने की जानकारी भी मिली है। पूछताछ के आधार पर पुलिस पटना, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, गया और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
उधर खगड़िया में पुलिस ने प्रश्नपत्र लीक करने की साजिश रच रहे एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसपी भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में एक दर्जन से अधिक संदिग्ध गिरफ्तार किए गए। सेंट जेवियर्स स्कूल और डीएवी पब्लिक स्कूल से भी कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई गई है।
जमुई में भी परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ पकड़ा गया। जांच में उसके पास से ब्लूटूथ सहित अन्य उपकरण बरामद हुए, जिसके बाद उसे परीक्षा से निष्कासित कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। जिले में 5001 अभ्यर्थियों में से केवल 2221 ने परीक्षा दी, जबकि 2780 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही विस्तृत जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साझा की जाएगी।







