सहरसा जिले में रविवार को पल्स पोलियो राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। सदर अस्पताल परिसर में जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर अभियान की शुरुआत की। यह विशेष अभियान 28 जून से 2 जुलाई 2026 तक पूरे जिले में चलाया जाएगा। इस दौरान जन्म से लेकर पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को घर-घर जाकर तथा ट्रांजिट और मोबाइल टीमों के माध्यम से पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि जिले में कुल 4,32,901 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि भारत पिछले 14 वर्षों से पोलियो मुक्त बना हुआ है, लेकिन पड़ोसी देशों में अब भी पोलियो के मामले सामने आने के कारण सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलवाएं, ताकि उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान को सफल बनाने के लिए जिलेभर में 809 घर-घर टीमें, 96 ट्रांजिट टीमें और 16 मोबाइल टीमें गठित की गई हैं। अभियान की निगरानी के लिए 274 पर्यवेक्षक तथा 92 सामुदायिक होल्डर भी तैनात किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले के 3,78,722 घरों तक पहुंचकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। अभियान में 95 एएनएम, 675 आंगनबाड़ी सेविकाएं, 857 आशा कार्यकर्ता तथा 612 स्वास्थ्यकर्मी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों में ट्रांजिट टीमों की सहायता के लिए 19 एनसीसी कैडेटों को भी लगाया गया है, ताकि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों से गुजरने वाले बच्चों को भी पोलियो की दवा पिलाई जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने पांच वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलवाएं। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और बच्चों को आजीवन पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
— संवाददाता: इन्द्रदेव जी





