बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के अंतिम दिन पश्चिम चंपारण के बेतिया से नकल का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। शहर के विपिन उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर एक परीक्षार्थी को कान में अत्याधुनिक ब्लूटूथ डिवाइस लगाकर परीक्षा देते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के कारण परीक्षा समाप्त होने से महज पांच मिनट पहले इस डिजिटल नकल का खुलासा हो गया।
जानकारी के अनुसार परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवानों को एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जांच करने पर उसके कान के अंदर बेहद छोटा ब्लूटूथ उपकरण बरामद हुआ, जिसके जरिए वह बाहर से उत्तर प्राप्त कर रहा था। इसके बाद उसे तत्काल हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।
गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान नवादा जिले के पताहा गांव निवासी अजय कुमार के रूप में हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह अकेले इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहा था या इसके पीछे कोई संगठित नकल गिरोह सक्रिय है।
इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। कड़ी जांच और सुरक्षा के बावजूद इतना छोटा डिजिटल उपकरण परीक्षा केंद्र के भीतर कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।
उधर, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (CSBC) ने बताया कि राज्यभर में परीक्षा को कदाचारमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। अब तक कदाचार के आरोप में 17 अभ्यर्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि 12 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पटना, नवादा, कैमूर, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, दरभंगा, कटिहार, मुंगेर और खगड़िया समेत नौ जिलों में कार्रवाई की गई है।
आयोग के अनुसार परीक्षा की निगरानी पटना स्थित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से 544 और 431 परीक्षा केंद्रों की लाइव सीसीटीवी स्ट्रीमिंग के माध्यम से की गई, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई संभव हो सकी।





