राज्य के चर्चित विक्रमशिला सेतु हादसे के बाद अब बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र द्वारा विभागीय सचिव को लिखे गए एक पत्र के सार्वजनिक होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सरकार और पथ निर्माण विभाग पर तीखा हमला बोला है। राजद ने सवाल उठाया है कि जब मंत्री स्वयं विभाग के मुखिया हैं, तो उन्हें अपने ही विभाग के सचिव को कार्रवाई के लिए पत्र लिखने की जरूरत क्यों पड़ी।
दरअसल, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने 26 जून 2026 को विभागीय सचिव को पत्र लिखकर भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर हुई दुर्घटना की जानकारी देते हुए आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बेली ब्रिज के माध्यम से अस्थायी आवागमन की व्यवस्था की गई थी। यातायात नियंत्रण के लिए वहां एक शेड लगाया गया था, जो 23 जून को आई तेज आंधी में उड़ गया। उसकी चपेट में आने से पुल से गुजर रहे दैनिक यात्री विनय ईश्वर की मौत हो गई।
मृतक विनय ईश्वर भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड अंतर्गत सोनवर्षा गांव के निवासी थे और प्रतिदिन मोटरसाइकिल से दूध बेचने के लिए भागलपुर आते-जाते थे। मंत्री ने पत्र में विभागीय तकनीकी जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मृतक के आश्रितों को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
इसी पत्र को आधार बनाकर राजद ने सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह पत्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। राजद का आरोप है कि मंत्री ने स्वयं स्वीकार किया है कि लापरवाही के कारण एक व्यक्ति की जान गई, फिर भी अब तक दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिल पाया है।
उधर, मंत्री के पत्र के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। विभागीय जांच और मृतक परिवार को शीघ्र सहायता देने की मांग उठ रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करती है। विक्रमशिला सेतु पहले से ही मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में यह हादसा एक बार फिर पुल की सुरक्षा और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है






