बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले के भगवानपुर प्रखंड स्थित संजात गांव में हुई एक अनोखी शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। सरकारी शिक्षक के बेटे विकास ठाकुर ने किन्नर युवती सुशीला कुमारी के साथ पूरे वैदिक रीति-रिवाज, जयमाला और सात फेरों के बीच विवाह कर समाज को समानता और स्वीकार्यता का बड़ा संदेश दिया। इस अनूठी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
विकास ठाकुर ने बताया कि दोनों की मुलाकात वर्ष 2022 में मंझौल के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और दोनों ने जीवनभर साथ रहने का फैसला कर लिया। हालांकि, सुशीला के किन्नर होने के कारण दोनों परिवारों और समाज ने इस रिश्ते का विरोध किया। इसके बावजूद दोनों अपने निर्णय पर अडिग रहे और वर्ष 2023 में कोर्ट मैरिज कर ली।
कोर्ट मैरिज के बाद भी दोनों को सामाजिक तानों और विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने धैर्य नहीं खोया। अपने व्यवहार, आपसी विश्वास और मजबूत रिश्ते से दोनों ने धीरे-धीरे परिवारों का दिल जीत लिया। आखिरकार दोनों परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करने के लिए तैयार हो गए।
परिवार की सहमति मिलने के बाद अप्रैल 2026 में विकास की बारात पूरे गाजे-बाजे के साथ सुशीला के घर पहुंची। बारात का भव्य स्वागत हुआ, जयमाला की रस्म निभाई गई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि को साक्षी मानकर दोनों ने सात फेरे लिए। विवाह समारोह में किन्नर समाज के लोगों ने भी लोकगीतों और नृत्य के साथ इस खुशी में हिस्सा लिया।
विकास का कहना है कि अब परिवार का साथ मिलने के बाद उन्हें किसी की बातों की परवाह नहीं है। वहीं, सुशीला का कहना है कि दुनिया में सबसे पहले हर व्यक्ति एक इंसान है और हर किसी को सम्मान के साथ अपना जीवनसाथी चुनने का अधिकार मिलना चाहिए।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह विवाह केवल दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि समाज में समान अधिकार, प्रेम और इंसानियत की सोच को मजबूत करने वाली एक प्रेरणादायक मिसाल है।








