जामताड़ा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) जामताड़ा के सचिव पवन कुमार के नेतृत्व में बुधवार को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, नाला में 90 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान “सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य” के तहत लीगल लिटरेसी क्लब के माध्यम से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत से हुई। इसके बाद छात्राओं ने बाल विवाह रोकथाम विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसके खिलाफ समाज की जिम्मेदारी को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।
शिविर को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव पवन कुमार ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें अपने अधिकारों, कर्तव्यों तथा कानूनों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे यहां प्राप्त विधिक जानकारियों को अपने परिवार और समाज तक पहुंचाएं, ताकि जागरूकता का दायरा और बढ़ सके।
उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि बाल विवाह न केवल सामाजिक कुरीति है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है। इससे बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य उत्तम कुमार ने भी छात्राओं को विधिक जागरूकता के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने शिक्षा को प्राथमिकता देने, साइबर अपराधों से सतर्क रहने और समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
शिविर में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो एक्ट, गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा, नशा उन्मूलन, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य तथा निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार का न्याय रथ नाला प्रखंड के बारघरिया गांव पहुंचा, जहां ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी अधिकारों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम के बाद सचिव पवन कुमार ने प्रखंड परिसर स्थित विधिक सहायता केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और कार्यों की समीक्षा की।
संवाददाता : संतोष कुमार
स्थान : जामताड़ा






