दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सिनुआरा गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब चार नाबालिग बच्चे पैरों में जंजीर और ताला लगे होने की हालत में गांव पहुंच गए। बच्चों की स्थिति देखकर ग्रामीण हैरान रह गए और तुरंत पुलिस व चाइल्डलाइन को सूचना दी गई।
बताया जा रहा है कि चारों बच्चे मधुबनी जिले के अररिया संग्राम क्षेत्र के रहने वाले हैं और कुरान की शिक्षा लेने के लिए बरुआरा स्थित एक मदरसे में रह रहे थे। बच्चों का आरोप है कि उन्हें पढ़ाई के बजाय शौचालय की सफाई, जलावन काटने और अन्य घरेलू कामों में लगाया जाता था। विरोध करने या घर जाने की बात कहने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी और पैरों में जंजीर बांध दी जाती थी।
बच्चों के अनुसार, शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान मौलाना के बाहर जाने पर उन्हें भागने का मौका मिला। वे किसी तरह मदरसे की बाउंड्री पार कर सिनुआरा गांव पहुंच गए, जहां ग्रामीणों ने उनकी मदद की।
पंचायत के मुखिया रवि रंजन कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर उन्होंने बच्चों से बातचीत की। बच्चे बेहद डरे हुए थे और उनके साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी गई।
वहीं गांव के एक ग्रामीण कन्हैया चौधरी ने आशंका जताई कि मामला मानव तस्करी से भी जुड़ा हो सकता है। उनका कहना है कि बच्चों की हालत बेहद गंभीर थी और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और चारों बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। बाद में उन्हें चाइल्डलाइन के माध्यम से चाइल्ड केयर संस्थान भेज दिया गया। बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। बच्चों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षण संस्थानों में निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन और बाल कल्याण समिति पूरे मामले की संवेदनशीलता से जांच कर रही है।






