पटना: बिहार में 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 की लिखित पुनर्परीक्षा को लेकर बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) पूरी तरह अलर्ट मोड में है। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए EOU ने एक विशेष कोषांग (स्पेशल सेल) का गठन किया है। साथ ही पूर्व में पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और अभ्यर्थियों से ठगी के मामलों में चिन्हित 135 संदिग्धों और आरोपितों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
परीक्षा से पहले EOU ने अभ्यर्थियों, अभिभावकों और आम लोगों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। इकाई ने चेतावनी दी है कि कुछ असामाजिक तत्व और साइबर अपराधी फर्जी फोन कॉल, सोशल मीडिया पोस्ट और मैसेज के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। प्रश्नपत्र या उत्तरपत्र उपलब्ध कराने तथा परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर आर्थिक ठगी की आशंका भी जताई गई है।
EOU के अनुसार फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। एजेंसी को आशंका है कि साइबर ठग फर्जी प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी वायरल कर अभ्यर्थियों को गुमराह कर सकते हैं, जिससे परीक्षा की शुचिता प्रभावित हो सकती है।
इकाई ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को प्रश्नपत्र या उत्तरपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर फोन, मैसेज, ई-मेल या सोशल मीडिया संदेश प्राप्त हो और बदले में पैसे मांगे जाएं, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर थाना को दें। साथ ही किसी भी अपुष्ट या भ्रामक संदेश को सोशल मीडिया पर साझा या फॉरवर्ड करने से बचें।
यदि किसी प्लेटफॉर्म पर प्रश्नपत्र या उत्तरपत्र वायरल होने की सूचना मिले, तो संबंधित पोस्ट, यूआरएल और पोस्ट करने वाले व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि उसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
EOU ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए मोबाइल एवं व्हाट्सएप नंबर 9031829067 और ई-मेल digeou-bih@gov.in जारी किया है। वहीं साइबर ठगी की शिकायत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है। EOU ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






