बोकारो जिले के बहादुरपुर से कसमार जाने वाले मुख्य मार्ग पर भारतमाला परियोजना के तहत निर्मित एक पुल इन दिनों स्थानीय लोगों के बीच चर्चा और नाराजगी का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की संरचना ऐसी बनाई गई है कि यह पुल कम और सड़क के बीच बना गहरा गड्ढा ज्यादा प्रतीत होता है। लोगों का कहना है कि पहले यह सड़क समतल और सुगम थी, लेकिन पुल निर्माण के बाद आवागमन मुश्किल और जोखिम भरा हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह पुल निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग के ऊपर बनाया गया है, लेकिन इसकी डिजाइन और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के बीच अचानक गहराई और तीखे ढलान के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जिस अधिकारी और इंजीनियर ने समतल सड़क के बीच गड्ढेनुमा संरचना तैयार कर उसे पुल का नाम दिया है, उनकी कार्यशैली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं। प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक भी इसी सड़क का उपयोग करते हैं, लेकिन अब तक किसी ने इस समस्या के समाधान की दिशा में गंभीर पहल नहीं की है। सबसे बड़ी चिंता आगामी मानसून को लेकर है। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान पुल के आसपास पानी भरने से सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देगी, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाएगा।
यह सड़क भारी वाहनों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन ट्रक, हाइवा और अन्य बड़े वाहन यहां से गुजरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर चढ़ने और उतरने के दौरान यदि कोई भारी वाहन असंतुलित होता है तो पीछे या सामने चल रहे छोटे वाहनों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुल की तकनीकी जांच कराकर आवश्यक सुधार कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग समय रहते कार्रवाई करता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था की नींद टूटेगी।






