सहरसा: मत निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर बुधवार को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही छात्र-छात्राएं अपने निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे। कई अभ्यर्थी दूर-दराज के जिलों से देर रात ही रवाना हो गए थे, ताकि समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकें। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों की भी भीड़ नजर आई, जो अपने बच्चों का उत्साहवर्धन करते दिखाई दिए।
केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया के तहत मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल एवं चलंत दस्ता सिपाही के कुल 4,236 पदों पर बहाली की जा रही है। इस भर्ती परीक्षा के लिए पूरे बिहार से लगभग 15 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा का आयोजन दो चरणों में किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद लिए युवाओं में परीक्षा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र एवं पहचान पत्र की गहन जांच की गई। महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग से जांच कक्ष की व्यवस्था की गई थी। परीक्षा केंद्रों के आसपास दंडाधिकारियों एवं पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो सके। परीक्षा को कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।
अभ्यर्थियों ने बताया कि सरकारी सेवा में चयन का यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसके लिए वे लंबे समय से तैयारी कर रहे थे। कई छात्र सुबह-सुबह ही परीक्षा केंद्र पहुंच गए, जबकि कुछ परीक्षार्थियों को लंबी दूरी तय कर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना पड़ा। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावक भी अपने बच्चों के बेहतर प्रदर्शन की कामना करते नजर आए।
सोशल मीडिया पर भी परीक्षा को लेकर काफी सक्रियता देखने को मिली। अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए परीक्षा केंद्रों की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए। कई छात्रों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना की, वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने भीड़भाड़, यातायात और यात्रा संबंधी परेशानियों का जिक्र किया। सोशल मीडिया के माध्यम से परीक्षार्थी एक-दूसरे को आवश्यक दिशा-निर्देश और सूचनाएं उपलब्ध कराते नजर आए।
करीब 15 लाख आवेदकों और 4,236 रिक्त पदों वाली यह भर्ती परीक्षा युवाओं के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है। अब परीक्षा में शामिल हुए लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें परिणाम पर टिकी हैं, जो उनके भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





