जमुई में ‘मौत का पेड़’ बना खतरा, आंजन पुल के पास लगातार हादसों से लोगों में डर

जमुई के मलयपुर मार्ग स्थित आंजन पुल के पास सड़क किनारे खड़ा एक विशाल लिप्टस (यूकेलिप्टस) का पेड़ राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थान अब दुर्घटनाओं का ब्लैक स्पॉट बन चुका है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

6 जून 2026 की शाम एक निजी शिक्षक की इसी स्थान पर सड़क हादसे में मौत हो गई। बताया जाता है कि उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई थी। इससे पहले भी इस इलाके में कई सड़क दुर्घटनाएं और आपराधिक घटनाएं हो चुकी हैं। जनवरी 2026 में इसी मार्ग पर एक आभूषण कारोबारी से लाखों रुपये और जेवरात की लूट की घटना भी सामने आई थी।

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दरअसल, आंजन पुल पार करते ही एक तिरछी ढलान और दोमुहाना आता है। एक रास्ता मलयपुर रेलवे स्टेशन की ओर जाता है, जबकि दूसरा मलयपुर बस्ती की तरफ मुड़ता है। इसी संवेदनशील मोड़ पर सड़क से सटा यह विशाल पेड़ खड़ा है। पेड़ के दोनों ओर गहरे गड्ढे हैं, जिससे जरा सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार दिन में तो पेड़ दिखाई देता है, लेकिन रात होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। यहां स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग ने केवल पेड़ पर रेडियम स्टिकर लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी है।

हैरानी की बात यह है कि यह खतरनाक मोड़ मलयपुर थाना और वन विभाग के अधिकारियों की नजरों के सामने है। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि पेड़ को हटाने का अंतिम निर्णय मुंगेर वन प्रमंडल के स्तर पर लिया जाएगा।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पेड़ को हटाया जाए, स्ट्रीट लाइट लगाई जाए, सड़क किनारे बैरिकेडिंग की व्यवस्था हो और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। लोगों का कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो यह ‘मौत का पेड़’ आगे भी कई जिंदगियां निगल सकता है।

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