नेपाल के विराटनगर स्थित होटल में प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत को लेकर नया मोड़ आ गया है। जहां एक तरफ प्रिंस के साथ मौजूद दोस्तों ने दावा किया है कि उनकी मौत किसी मारपीट या साजिश का नतीजा नहीं, बल्कि बीमारी के कारण हुई, वहीं दूसरी तरफ खान सर और सांसद पप्पू यादव ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रिंस यादव के करीबी दोस्त रौशन कुमार ने बताया कि वे सभी 3 जून से नेपाल में रह रहे थे। उनके अनुसार प्रिंस लंबे समय से मानसिक बीमारी (साइकेट्रिक प्रॉब्लम) से जूझ रहे थे और नियमित रूप से दवा लेते थे। 13 जून को भी उन्होंने खाना खाने के बाद दवा खाई और अपने होटल के कमरे में सोने चले गए। इसी दौरान बाकी दोस्त घूमने निकल गए थे। कुछ देर बाद होटल में मौजूद एक साथी ब्रजेश का फोन आया कि प्रिंस की तबीयत अचानक बिगड़ गई है।
दोस्तों का कहना है कि सूचना मिलते ही वे होटल पहुंचे और आनन-फानन में एंबुलेंस से अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। दोस्तों ने साफ कहा कि प्रिंस को पहले भी दो बार अटैक आ चुका था और पिछले कई दिनों से वह ठीक से सो नहीं रहे थे। दवा लेने के बाद वह काफी देर तक सोते थे और घटना वाले दिन भी ऐसा ही हुआ था।
हालांकि इस मौत को लेकर कई सवाल अब भी बने हुए हैं। खान सर ने पहली बार इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी तीसरे व्यक्ति की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता और पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने इसे हत्या बताते हुए बिहार सरकार से नेपाल प्रशासन के साथ समन्वय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि परिवार को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए।
फिलहाल प्रिंस यादव का पार्थिव शरीर सहरसा के उनके पैतृक गांव पहुंच चुका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।





