बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने राज्य के सभी अंचल अधिकारियों (CO), राजस्व अधिकारियों (RO) और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (DCLR) को निर्देश दिया है कि वे अपने सरकारी CUG मोबाइल नंबर हर समय सक्रिय रखें और उन पर WhatsApp का उपयोग भी अनिवार्य रूप से करें। आदेश का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई मैदानी अधिकारी अपने सरकारी मोबाइल नंबर बंद रखते हैं या कॉल रिसीव नहीं करते। इसके अलावा कई अधिकारी WhatsApp पर भी सक्रिय नहीं रहते, जिससे आम लोगों की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी होती है। विशेष रूप से दाखिल-खारिज, भूमि मापी, राजस्व विवाद और अन्य भूमि संबंधी मामलों में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विभाग का मानना है कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन और WhatsApp प्रशासनिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण साधन बन चुके हैं। सरकारी आदेशों, सूचनाओं और विभागीय समन्वय के लिए डिजिटल माध्यमों का तेजी से उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में अधिकारियों का हर समय उपलब्ध रहना आवश्यक है ताकि आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं। जिलाधिकारियों को समय-समय पर औचक जांच करने तथा अधिकारियों की उपलब्धता की निगरानी करने को कहा गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी का सरकारी मोबाइल नंबर बंद पाया जाता है या वह WhatsApp पर सक्रिय नहीं मिलता है, तो इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही माना जाएगा। ऐसे मामलों में बिहार सरकारी सेवा नियमावली के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों का निष्पादन तेजी से होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी अधिकारियों से संपर्क करने में आसानी होगी।संवाददाता : ब्यूरो रिपोर्ट, पटना






