भागलपुर: जिले के नाथनगर रेफरल अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां बिहारीपुर से आई पूजा कुमारी की डिलीवरी डॉक्टर के बजाय नर्स द्वारा कराए जाने के बाद नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और परिजनों में आक्रोश फैल गया।
परिजनों के अनुसार, पूजा कुमारी को सुबह लगभग 7 बजे अस्पताल लाया गया था। नर्स ने प्रारंभिक जांच की, लेकिन मरीज का चिट्ठा बनाने की बात को टाल दिया गया। कुछ देर बाद दर्द बढ़ने पर नर्स ने ही डिलीवरी करा दी। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और नर्स ने अत्यधिक दबाव डालकर प्रसव कराया, जिसके बाद बच्ची का जन्म हुआ लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि नवजात की स्थिति की सही जांच नहीं की गई और समय पर डॉक्टरों की मौजूदगी भी नहीं थी।
वहीं इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अन्वेषा ने कहा कि वह लेबर रूम में दो बार गई थीं, लेकिन नर्सों द्वारा मरीज के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि डिलीवरी होने के करीब 40 मिनट बाद उन्हें मामले की जानकारी दी गई। डॉक्टर ने कहा कि इस घटना की जिम्मेदारी नर्स और संबंधित प्रभारी पर है।
अस्पताल प्रभारी डॉ. अनुपमा सहाय ने मामले पर अलग बयान देते हुए कहा कि मरीज पहले से गंभीर स्थिति में थी और बिना पंजीकरण के ही बैठी थी। स्थिति बिगड़ने पर जल्दबाजी में डिलीवरी कराई गई, जिसमें नवजात की मौत हो गई। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि घटना के समय उनकी ड्यूटी नहीं थी।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन, डॉक्टर और नर्सों के बयानों में विरोधाभास सामने आया है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। फिलहाल जांच की मांग उठ रही है और परिजन कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
संवाददाता : रजनीश कुमार
स्थान : भागलपुर






