सहरसा में आंगनवाड़ी केंद्र की खुली पोल, निरीक्षण के दौरान सेविका-सहायिका और बच्चे मिले नदारद


सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड अंतर्गत धमसैना पश्चिमी पंचायत स्थित आंगनवाड़ी केंद्र संख्या-66 की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। केंद्र के निरीक्षण के दौरान वहां न तो सेविका मौजूद मिलीं, न सहायिका और न ही एक भी बच्चा दिखाई दिया। इस स्थिति ने आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन और बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

करीब सुबह दस बजे जब स्थानीय लोगों ने केंद्र का जायजा लिया तो केंद्र पूरी तरह खाली मिला। केंद्र पर बच्चों की उपस्थिति नहीं होने और कर्मियों के अनुपस्थित रहने को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। मामले की जानकारी मिलने पर सेविका धर्मशीला देवी से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि वह कुछ देर के लिए बाथरूम गई थीं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मौसम खराब होने के कारण बच्चे वापस अपने घर चले गए थे।

सेविका धर्मशीला देवी के अनुसार केंद्र पर उस दिन 25 बच्चे उपस्थित हुए थे, जबकि केंद्र में कुल 40 बच्चे नामांकित हैं। हालांकि निरीक्षण के समय केंद्र पर एक भी बच्चा मौजूद नहीं मिला, जिससे स्थानीय लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।

मामले को लेकर प्रभारी सीडीपीओ राहुल कुमार ने कहा कि यदि केंद्र संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्र से जुड़े पुराने अभिलेखों और उपस्थिति पंजी की भी जांच की जाएगी। जांच में यदि किसी कर्मी की लापरवाही या अनियमितता साबित होती है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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फिलहाल इस घटना ने आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली और बच्चों को मिलने वाली सेवाओं की वास्तविक स्थिति को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

वाईट: धर्मशीला देवी, सेविका :::

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