बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वैशाली जिले के हाजीपुर नगर परिषद में कार्यरत लेखापाल मनीष कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की है। मनीष कुमार पर ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। प्रारंभिक जांच में उनके पास करीब 2 करोड़ 2 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति होने के साक्ष्य मिले हैं।
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, विश्वस्त सूत्रों से मिली सूचना के सत्यापन के बाद मनीष कुमार के खिलाफ ईओयू थाना कांड संख्या-10/26 दर्ज किया गया। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) एवं 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि उन्होंने अपनी वैध आय की तुलना में लगभग 2 करोड़ 2 लाख 31 हजार 500 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी आय से करीब 208.57 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई ने विशेष न्यायालय निगरानी, उत्तर बिहार, मुजफ्फरपुर से तलाशी वारंट प्राप्त किया। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन कर छापेमारी शुरू की गई।
ईओयू की टीम ने हाजीपुर के बागमली स्थित निजी आवास और नगर परिषद कार्यालय परिसर में स्थित सरकारी आवास सहित दो ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान बैंक खातों, निवेश संबंधी दस्तावेजों, चल-अचल संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि बिहार में हाल के दिनों में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। आर्थिक अपराध इकाई, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो और स्पेशल विजिलेंस यूनिट विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच अभियान चला रही हैं।
फिलहाल मनीष कुमार के दोनों ठिकानों पर तलाशी जारी है। ईओयू का कहना है कि छापेमारी पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।






