इंतजार खत्म: विक्रमशिला सेतु पर दौड़ी रफ्तार, बेली ब्रिज के उद्घाटन के साथ शुरू हुआ आवागमन
भागलपुर और कोसी-सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर तैयार किए गए बेली ब्रिज का रविवार को विधिवत उद्घाटन कर दिया गया। उद्घाटन के साथ ही पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई, जिससे पिछले कई सप्ताह से प्रभावित यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिली है।
विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा और आसपास के जिलों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। यात्री और वाहन चालक लंबे समय से पुल पर आवागमन सामान्य होने का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में बेली ब्रिज का निर्माण कार्य लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया।
बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को स्वीकार करते हुए रिकॉर्ड समय में बेली ब्रिज का निर्माण पूरा किया। खास बात यह रही कि बीआरओ की टीम ने जिला प्रशासन को जो समय-सीमा दी थी, उसी के भीतर निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। दिन-रात की कड़ी मेहनत, आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय के बल पर पुल को निर्धारित समय में तैयार किया गया।
उद्घाटन के बाद जैसे ही वाहनों की आवाजाही शुरू हुई, लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई देने लगी। पुल चालू होने से अब यात्रियों को लंबा चक्कर लगाने की मजबूरी नहीं रहेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। स्थानीय लोगों ने बीआरओ और प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे बड़ी उपलब्धि बताया।
विक्रमशिला सेतु पर तैयार बेली ब्रिज केवल एक अस्थायी संरचना नहीं, बल्कि लाखों लोगों की राहत, उम्मीद और भरोसे का प्रतीक बन गया है। इसके शुरू होने से क्षेत्र की जीवनरेखा माने जाने वाले इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर एक बार फिर रफ्तार लौट आई है।