नवादा में निगरानी विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मेसकौर प्रखंड मुख्यालय में एक आवास सहायक को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया और सरकारी कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गिरफ्तार आवास सहायक की पहचान बिरू कुमार चौधरी के रूप में हुई है। वह मिर्जापुर पंचायत और अंकरी पांडे बीघा पंचायत में आवास सहायक के पद पर कार्यरत थे। बताया जाता है कि वह गया जिले के पहाड़पुर के रहने वाले हैं। गिरफ्तारी की पुष्टि निगरानी विभाग के डीएसपी मिथलेश कुमार ने की है।
जानकारी के अनुसार, मिर्जापुर पंचायत के पवई गांव निवासी धनंजय कुमार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला था। उन्हें योजना की दो किस्तों में 45 हजार और 40 हजार रुपये मिल चुके थे। मकान निर्माण पूरा होने के बाद अंतिम किस्त के 45 हजार रुपये का भुगतान और जियो टैगिंग की प्रक्रिया बाकी थी।
आरोप है कि अंतिम किस्त जारी कराने और जियो टैगिंग कराने के बदले आवास सहायक बिरू कुमार चौधरी ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। इससे परेशान होकर धनंजय कुमार ने 12 मई को पटना स्थित निगरानी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की जांच और सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई।
इसके बाद निगरानी विभाग ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही धनंजय कुमार ने 10 हजार रुपये आरोपी आवास सहायक को सौंपे, पहले से तैनात निगरानी टीम ने प्रखंड मुख्यालय के मुख्य द्वार के पास उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली गई।
फिलहाल निगरानी विभाग आरोपी से पूछताछ कर रहा है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है।