धनबाद जिले में पहली बार सरकारी और रैयती जमीन पर अतिक्रमण के आरोप किसी निजी व्यक्ति या जमीन माफिया पर नहीं, बल्कि कोयला उत्पादन करने वाली बीसीसीएल पर लगे हैं। बाघमारा अंचल प्रशासन की जांच में तेतुलमारी टाउनशिप क्षेत्र में करीब 28 एकड़ जमीन पर बिना वैध लीज, बंदोबस्ती या सरकारी अनुमति के स्थायी निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है।
मामला छोटानगरी पंचायत के नगरीकला मौजा संख्या-230, खाता संख्या-551 से जुड़ा है। जांच के अनुसार वर्ष 2015 से यहां लगातार निर्माण कार्य किया गया। करीब 25 एकड़ भूमि पर बी, सी और डी टाइप आवासीय क्वार्टर बनाए गए हैं, जबकि तीन महाप्रबंधकों के लिए बंगले भी तैयार किए गए हैं। इसके अलावा पार्क, खेल मैदान, बाउंड्रीवाल और पीसीसी सड़क का भी निर्माण कराया गया है।
अंचल प्रशासन के मुताबिक कुल 27 एकड़ 56 डिसमिल भूमि पर आवासीय कॉलोनी विकसित की गई है। वहीं लगभग 1.59 एकड़ जमीन पर सड़क और चारदीवारी बनाई गई है। इस भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य 14 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है।
मामला केवल निर्माण तक सीमित नहीं है। नगरीकला मौजा के प्लॉट संख्या 4694 और 4689 की 8.35 एकड़ सरकारी भूमि पर अवैध कोयला खनन और ओबी निकालने के आरोप भी पहले लग चुके हैं। इस संबंध में दिसंबर 2023 में तेतुलमारी थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी में बीसीसीएल सिजुआ क्षेत्र-5 के तत्कालीन परियोजना पदाधिकारी, आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रबंधक और एक लाइजनर को आरोपी बनाया गया था।
बाघमारा के अंचल अधिकारी गिरजानंद किस्कू ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच के लिए अमीनों की टीम गठित की गई है। जांच पूरी होने तक सभी निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह अतिक्रमण का मामला प्रतीत होता है और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम 1956 के तहत बीसीसीएल को नोटिस जारी किया जाएगा।
वहीं बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कंपनी किसी भी जमीन पर अवैध कब्जा नहीं करती। यदि कोई विवाद है तो प्रशासन के साथ मिलकर उसका समाधान निकाला जाएगा। अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।