उरीमारी सैनिक कार्तिक माइनिंग कंपनी में विस्थापित मजदूरों का हंगामा, विभिन्न मांगों को लेकर कराया काम बंद
बरका सयाल सीसीएल क्षेत्र के उरीमारी न्यू बिरसा पोटंगा में संचालित सैनिक कार्तिक माइनिंग कंपनी में मंगलवार को रैयत विस्थापित समिति और विस्थापित मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कंपनी का उत्पादन कार्य ठप करा दिया। मजदूरों और ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए रोजगार, लोकल सेल में हिस्सेदारी, न्यूनतम मजदूरी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रहे विस्थापित मजदूरों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रहा है। उनका कहना है कि जिस जमीन पर खनन कार्य संचालित हो रहा है, वह जमीन स्थानीय ग्रामीणों और रैयतों की है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रोजगार और अन्य सुविधाओं में उचित प्राथमिकता नहीं दी जा रही है।
रैयत विस्थापित समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोग कंपनी के लिए दलाली का काम कर रहे हैं और गरीब विस्थापित परिवारों के अधिकारों को छीनने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों पहले उनकी जमीन खनन परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी, लेकिन आज तक उन्हें लोकल सेल और अन्य योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है।
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद सीसीएल और सैनिक कार्तिक माइनिंग कंपनी के अधिकारी, सेल समिति के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और काम बंद रखने का फैसला जारी रखा।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से वे अपने हक-अधिकार, रोजगार, कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। इसी के विरोध में उन्होंने एक बार फिर उत्पादन कार्य बंद करा दिया है।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
संवाददाता : राजीव सिंह