बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार अपने एक दिवसीय दौरे पर नालंदा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एकंगरसराय थाना क्षेत्र के महुआबाग गांव पहुंचकर शहीद सीआरपीएफ जवान मनीष कुमार के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। मंत्री ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश सेवा में दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि मनीष कुमार ने 24 वर्षों तक देश की सेवा की और उनका नाम इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।
मंत्री ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वीर सैनिक कभी मरते नहीं हैं, बल्कि अपने साहस और बलिदान के कारण हमेशा अमर रहते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर परिस्थिति में शहीद परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। गौरतलब है कि मनीष कुमार वर्ष 2002 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे और मणिपुर के जिरीबाम-इम्फाल क्षेत्र में 87वीं बटालियन में तैनात थे। ब्रेन हैमरेज के कारण उनका निधन हो गया था।
इसके बाद मंत्री बिहार शरीफ प्रखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने स्कूल से लौटने के दौरान खुले नाले में गिरकर जान गंवाने वाले सात वर्षीय मोहम्मद जैद के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री के ‘हरा गमछा’ वाले बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अपराधी किसी भी रंग का कपड़ा पहने, यदि वह कानून को अपने हाथ में लेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।