भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल अंतर्गत सिया पंचायत स्थित बरैनी पोखर में अतिक्रमण हटाने और पोखर के पुनर्जीवन कार्य के दौरान शुक्रवार को विधि-व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में चल रहे अभियान के दौरान कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डाली और हिंसक व्यवहार किया।
प्रशासन के अनुसार बरैनी पोखर मत्स्य विभाग की भूमि है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और बिहार सरकार के सात निश्चय पार्ट-1 अभियान के तहत जल निकायों को अतिक्रमण मुक्त कर उनका संरक्षण और पुनर्जीवन कराया जा रहा है। इसी क्रम में मत्स्य विभाग द्वारा ग्राम पंचायत को एनओसी दिए जाने के बाद प्रशासनिक निगरानी में पोखर से अतिक्रमण हटाने और खुदाई कार्य की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
कार्य के दौरान मुखिया द्वारा जेसीबी मशीन से मिट्टी खुदाई कराई जा रही थी। इसी बीच कुछ लोगों ने कार्य का विरोध शुरू कर दिया। प्रारंभिक जांच और वायरल वीडियो फुटेज के आधार पर प्रशासन का कहना है कि एक प्रभावशाली व्यक्ति और उसके समर्थकों द्वारा लोगों को उकसाया गया तथा “मारो-मारो” कहकर भीड़ को भड़काने की कोशिश की गई। आरोप है कि अवैध कब्जा बनाए रखने के उद्देश्य से मॉब लिंचिंग जैसी स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया गया।
उपद्रवियों ने जेसीबी चालक के साथ मारपीट की, जबकि मुखिया पति पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। उनके सिर में गंभीर चोट लगने से रक्तस्राव हुआ। साथ ही कार्यपालक दंडाधिकारी के सरकारी वाहन के शीशे भी तोड़ दिए गए। घटना के दौरान अनुमंडल प्रशासन, अंचल अधिकारी, बीडीओ, कार्यपालक दंडाधिकारी, मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी और प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी मौके पर मौजूद थे। कुछ महिलाओं द्वारा भी लाठी-डंडों के साथ आक्रामक प्रदर्शन और अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की गई।
स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में 27 से 28 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है। इलाके में फ्लैग मार्च किया गया है तथा अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।