बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली और झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी। दोपहर के समय आए तेज आंधी-तूफान के बाद शुरू हुई बारिश के साथ आसमान से बर्फ के गोलों यानी ओलों की बारिश होने लगी, जिससे पूरे शहर का मौसम सुहावना हो गया।
सुबह से ही पटना में धूप और बादलों के बीच लुकाछिपी का दौर जारी था। कभी तेज धूप निकलती तो कभी बादल छा जाते, लेकिन दोपहर होते-होते मौसम ने पूरी तरह से करवट ले ली। तेज हवाओं और तूफान के साथ बादल घिर आए और देखते ही देखते मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इस दौरान कई इलाकों में बड़े-बड़े ओले भी गिरे।
ओलावृष्टि का नजारा लोगों के लिए खास बन गया। बच्चे छतों और गलियों में निकलकर ओले बीनते और उनसे खेलते नजर आए, वहीं बड़े-बुजुर्ग फसलों और संपत्ति को हुए संभावित नुकसान का आकलन करते दिखे। हालांकि इस बारिश से बढ़ते तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विभाग ने पहले ही 6 मई तक बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की थी, जो अब सही साबित होती दिख रही है। विभाग के अनुसार 7 मई को भी कई इलाकों में गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है। खास तौर पर जमुई, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा और शेखपुरा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां वज्रपात और मध्यम स्तर की बारिश की आशंका है।
इसके अलावा पूरे बिहार के कई हिस्सों में मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है। पूर्वी और पश्चिमी बिहार में येलो अलर्ट, जबकि उत्तर मध्य और दक्षिण मध्य बिहार में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक, ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।
फिलहाल इस बेमौसम बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों और आम जनजीवन पर इसके असर को लेकर चिंता भी बनी हुई है।
