पटना से बड़ी खबर है, जहां बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई, यानी ईओयू ने एक और अहम कदम उठाया है। सुपौल के जिला अवर निबंधक अमरेन्द्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में व्यापक छापेमारी की जा रही है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के सत्यापन के बाद ईओयू ने यह कार्रवाई शुरू की है।

जानकारी के मुताबिक, आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 06/26, दिनांक 5 मई 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस केस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना स्थित निगरानी की विशेष अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त कर कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अमरेन्द्र कुमार ने लगभग 1 करोड़ 10 लाख 64 हजार रुपये की संपत्ति अर्जित की है, जो उनके ज्ञात आय स्रोतों से करीब 65.08 प्रतिशत अधिक है। प्रथम दृष्टया यह मामला आय से अधिक संपत्ति का प्रतीत होने पर ईओयू ने त्वरित कार्रवाई की है।

बुधवार सुबह से ही ईओयू की अलग-अलग टीमों ने एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। इनमें पटना के आशियाना दीघा रोड स्थित राज अपार्टमेंट में उनका फ्लैट, सारण जिले के छपरा स्थित पैतृक घर, सुपौल स्थित कार्यालय और वहां का किराये का आवास शामिल हैं। सभी जगहों पर पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में सघन तलाशी अभियान चल रहा है।

छापेमारी के दौरान दस्तावेजों, संपत्ति से जुड़े कागजात, बैंक लेन-देन और अन्य अहम साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी होने के बाद ही बरामदगी और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की जाएंगी।

ईओयू की यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है। हाल के दिनों में ऐसे कई मामलों में सरकारी अधिकारियों पर कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हलचल मची हुई है। इस केस में भी बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।

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