बिहार के पश्चिमी चम्पारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया। 28 अप्रैल को वायरल हुए इस वीडियो में मझौलिया थाना के गश्ती दल पर पैसा लेने का गंभीर आरोप लगाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो में गश्ती दल के पुलिसकर्मियों पर आम लोगों से पैसे लेने का आरोप लगाया गया था। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा, पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले का संज्ञान लिया और तत्काल जांच के निर्देश दिए।
जांच के बाद गश्ती दल में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक जनार्दन पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभागीय स्तर पर यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
इतना ही नहीं, वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे दो गृहरक्षक—बलिराम महतो और पन्नालाल चौधरी—पर भी प्रशासन ने कार्रवाई की है। दोनों गृहरक्षकों का अप्रैल 2026 का वेतन फिलहाल रोक दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस विभाग का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले कर्मियों पर यदि इस तरह के आरोप लगते हैं, तो यह जनता के विश्वास को कमजोर करता है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद जिले में यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली शिकायतों को अब गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषी पाए जाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं।
