झारखंड के बोकारो जिले के चिरा चास क्षेत्र में करीब 40 घंटे तक बिजली बाधित रहने से लगभग 20 हजार की आबादी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक बिजली गुल रहने से पूरे इलाके में ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
बिजली बाधित होने का सबसे बड़ा असर पानी की आपूर्ति पर पड़ा। मोटर और पंप नहीं चल पाने के कारण लोगों को पेयजल के लिए भी संघर्ष करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती से रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है, लेकिन जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर संवेदनशील नजर नहीं आ रहा।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर वे कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि ऐसा लगता है जैसे इतनी बड़ी आबादी को प्रशासन ने नजरअंदाज कर दिया है।
निवासियों ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र से चास नगर निगम को सबसे अधिक राजस्व प्राप्त होता है और बिजली विभाग को भी पर्याप्त राजस्व जाता है, बावजूद इसके यहां की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वहीं, बोकारो की विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि बिजली संकट का मुख्य कारण बिजली के उपभोग के मुकाबले उत्पादन कम होना है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ही दो नए सबस्टेशन बनाने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति से राहत मिल सकेगी।
चास मेयर भोलू पासवान ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने बिजली विभाग से बात की है। विभाग का कहना है कि गर्मी के दिनों में चास और चिरा चास में अतिरिक्त बिजली की जरूरत होती है, लेकिन डीवीसी से पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है।
फिलहाल लोग जल्द समाधान की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।
संवाददाता – चंदन सिंह, बोकारो / झारखंड
