अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड के कुपाड़ी गांव में स्थित मध्य विद्यालय के एक शिक्षक के स्थानांतरण को लेकर विवाद गहरा गया है। दर्जनों अभिभावकों ने जिलाधिकारी के जनता दरबार में पहुंचकर शिक्षक अनमोल कुमार के ट्रांसफर पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि इस फैसले से बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ेगा।

ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में जिला शिक्षा विभाग के उस आदेश का विरोध किया गया है, जिसके तहत अनमोल कुमार का स्थानांतरण किया गया है। आवेदन पर वीरेंद्र यादव, धीरेंद्र यादव, रीता देवी और ममता देवी समेत कई अभिभावकों के हस्ताक्षर हैं। उनका कहना है कि गांव में पहले से ही शिक्षकों की भारी कमी है और ऐसे में एक योग्य शिक्षक का जाना स्थिति को और खराब कर देगा।

अभिभावकों के अनुसार, विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई होती है, लेकिन कुल चार शिक्षक ही कार्यरत हैं। इनमें से एक प्रधानाध्यापक प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं, जिससे पढ़ाई का भार केवल तीन शिक्षकों पर आ जाता है। ऐसे में अनमोल कुमार के स्थानांतरण से शैक्षणिक व्यवस्था चरमरा सकती है।

ग्रामीणों ने अनमोल कुमार की कार्यशैली की भी सराहना की। उनका कहना है कि वे मेहनती, ईमानदार और समयनिष्ठ शिक्षक हैं, जो नियमित रूप से सभी विषयों की पढ़ाई करवाते थे। अब तक उनके खिलाफ कोई शिकायत भी सामने नहीं आई है, इसलिए बिना ठोस कारण के उनका ट्रांसफर बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है।

बताया जा रहा है कि करीब एक साल पहले अनियमितता के आरोप में उन्हें निलंबित किया गया था, लेकिन बाद में निलंबन समाप्त होने के बाद विभाग ने उनका स्थानांतरण सिकटी प्रखंड कर दिया। इसी फैसले का अब विरोध हो रहा है।

अभिभावकों ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का हवाला देते हुए पर्याप्त शिक्षकों की मांग की है। इस बीच, जिलाधिकारी विनोद दूहन ने जनता दरबार में कुल 38 मामलों की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर जल्द समाधान का निर्देश दिया है। अब ग्रामीण प्रशासनिक कार्रवाई के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं।

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