बिहार के कटिहार जिले से सिस्टम की संवेदनहीनता की एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। मनिहारी थाना क्षेत्र के नारायणपुर पंचायत में एक आंगनबाड़ी सेविका बीमार होने के बावजूद अपनी अनुपस्थिति साबित करने के लिए हाथ में ड्रिप यानी सलाइन लगाकर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचने को मजबूर हो गईं।

 

बताया जा रहा है कि सेविका की तबीयत काफी खराब थी और उनका इलाज चल रहा था। वह इतनी कमजोर थीं कि ठीक से चल भी नहीं पा रही थीं। इसके बावजूद निरीक्षण के लिए पहुंची अधिकारी को उनकी बीमारी पर भरोसा नहीं हुआ। अधिकारी ने सेविका की गैरहाजिरी पर सवाल उठाया, जिसके बाद उन्हें अपनी स्थिति साबित करने के लिए इस हालत में केंद्र पहुंचना पड़ा।

 

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सेविका के हाथ में ड्रिप लगी हुई है और वह अपने पति के सहारे कांपते कदमों से आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंच रही हैं। उनका चेहरा दर्द और कमजोरी साफ बयां कर रहा है। इस दृश्य ने स्थानीय लोगों को भावुक कर दिया और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

 

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे सरकारी तंत्र की असंवेदनशीलता बता रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि यदि एक बीमार महिला कर्मचारी को अपनी बीमारी साबित करने के लिए इस हालत में आना पड़े, तो यह व्यवस्था की बड़ी विफलता है।

 

यह मामला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ होने वाले व्यवहार और प्रशासनिक संवेदनशीलता की कमी को उजागर करता है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर काफी चर्चा हो रही है और लोग संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

 

सवाल यह है कि क्या सरकारी व्यवस्था इतनी कठोर हो चुकी है कि इंसानियत और संवेदनशीलता की कोई जगह नहीं बची? एक बीमार सेविका की यह मजबूरी अब पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल बनकर खड़ी हो गई है।

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