सहरसा के स्थानीय ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में आयोजित सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन किया गया। 18 अप्रैल से 24 अप्रैल तक चले इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में 150 छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन की बारीकियां सिखाई गईं, ताकि वे प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के समय खुद के साथ-साथ समाज की भी रक्षा कर सकें।
समापन समारोह परीक्षा भवन सभागार में आयोजित किया गया, जहां एडीएम अरुण कुमार सिंह, एडीएमओ आपदा शिवदयाल, विश्वविद्यालय कुल सचिव प्रोफेसर डॉ अशोक कुमार सिंह, विश्वविद्यालय एनएसएस पदाधिकारी डॉ विवेक कुमार और महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर डॉ कैलाश प्रसाद यादव ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं को आपदा किट और प्रमाण पत्र वितरित किया।
इस अवसर पर अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए आपदा के समय सजग रहने और समाज की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प भी दिलाया।
एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के निर्देश पर आपदा विभाग द्वारा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया। मधेपुरा जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को बेहतर माहौल में प्रशिक्षण दिया गया है। अब ये प्रशिक्षित युवा आपदा के समय अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
विश्वविद्यालय एनएसएस पदाधिकारी डॉ विवेक कुमार ने कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में यह आपदा प्रबंधन का पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम है। 150 छात्रों को प्रमाण पत्र और आपदा किट देकर उन्हें हर तरह की आपदा से निपटने के लिए तैयार किया गया है। आगे भी ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे।
महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर डॉ कैलाश प्रसाद यादव ने बताया कि कोशी क्षेत्र बाढ़, आकाशीय बिजली, भूकंप और अगलगी जैसी आपदाओं से प्रभावित रहता है। ऐसे में यह प्रशिक्षण छात्रों को समाज, परिवार, शहर और गांव की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाएगा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के कई शिक्षक, पदाधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। इस आयोजन ने युवाओं में सेवा, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।
