सहरसा में शुक्रवार को बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ (जिला शाखा सहरसा) के बैनर तले पंचायत सचिवों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सचिवों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की और चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

 

यह कार्यक्रम संघ के जिलाध्यक्ष अक्षय कुमार के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें जिले भर से बड़ी संख्या में पंचायत सचिव शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सचिवों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की।

 

संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि 17 अप्रैल 2026 को राज्यव्यापी आह्वान के तहत बिहार के सभी जिलों में पंचायत सचिव धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में सहरसा में भी यह आंदोलन आयोजित किया गया है।

 

पंचायत सचिवों ने अपने ज्ञापन में सात सूत्री मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से अंतरजिला स्थानांतरण की व्यवस्था लागू करने, शैक्षणिक योग्यता के आधार पर पदनाम बदलकर GPRO करने, ग्रेड पे 2000 से बढ़ाकर 4200 करने, परिवहन भत्ता लागू करने, बीपीआरओ पद पर प्रोन्नति में 55 वर्ष की आयु सीमा समाप्त करने और ACP/MACP का लाभ देने जैसी मांगें शामिल हैं।

 

इसके अलावा सचिवों ने पंचायती राज विभाग द्वारा पूर्व में जारी आदेशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि कई महत्वपूर्ण आदेश अब तक जमीन पर लागू नहीं किए गए हैं, जिससे कर्मचारियों को परेशानी हो रही है।

 

धरना के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज करती है तो यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में हड़ताल अनवरत जारी रहेगी और इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा।

 

फिलहाल प्रशासन को ज्ञापन सौंप दिया गया है और सचिवों को अब सरकार के निर्णय का इंतजार है। वहीं इस प्रदर्शन के बाद जिले में प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।

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