बिहार के वैशाली जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पटना एसटीएफ के इनपुट पर कार्रवाई करते हुए वैशाली पुलिस ने बिदुपुर थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर 132 किलो से अधिक गांजा बरामद किया. इस गांजे की बाजार में कीमत करीब 60 से 70 लाख रुपये आंकी जा रही है. पुलिस ने मौके से एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की है, जिसका इस्तेमाल तस्करी में किया जा रहा था.
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें सीतामढ़ी जिले के रहने वाले मोहम्मद शमशीर और मोहम्मद फजान के साथ वैशाली के बिदुपुर निवासी रवि कुमार शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, ये तीनों आरोपी गांजे की बड़ी खेप लेकर महनार इलाके में डिलीवरी देने जा रहे थे, तभी पहले से मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उन्हें दबोच लिया.
वैशाली के एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि बरामद गांजे की खेप नेपाल से लाई गई थी. शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी एक संगठित तस्करी गिरोह का हिस्सा हैं, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में सक्रिय है. यह गिरोह पहले भी कई बार मादक पदार्थों की तस्करी कर चुका है.
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है. छापेमारी अभियान तेज कर दिया गया है ताकि पूरे गिरोह को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके. इस कार्रवाई के बाद इलाके में तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है.
एसपी विक्रम सिहाग ने स्पष्ट किया कि जिले में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे. उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना प्राथमिकता है, क्योंकि गांजा जैसे मादक पदार्थ समाज पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं.
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
