सहरसा के कहरा प्रखंड अंतर्गत नगर पंचायत बनगांव स्थित भगवान परशुराम चौक पर परशुराम जयंती के अवसर पर भक्ति और आस्था का भव्य माहौल देखने को मिला। इस मौके पर परशुराम परिवार संघ एवं ब्राह्मण महासभा सहरसा के संयुक्त तत्वावधान में विधिवत पूजा और हवन का आयोजन किया गया।
पूजा-अर्चना में पुजारी वरुण मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया, जबकि पूजा में मुख्य रूप से राहुल झा, ज्ञानू कुमार और अभिमन्यु कुमार उर्फ बंटी झा बैठे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भागीदारी रही, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
परशुराम चौक के संस्थापक सदस्य राहुल झा ने जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले समय में शहर के विभिन्न ब्राह्मण संगठनों के सहयोग से भगवान श्री परशुराम की एक भव्य प्रतिमा की स्थापना इसी चौक पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को और मजबूत करेगी।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। बताया गया कि भगवान परशुराम का अवतार पृथ्वी को अत्याचारी और भ्रष्ट शासकों से मुक्ति दिलाने तथा धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। उन्होंने भगवान शिव से युद्धकला और अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा प्राप्त की थी और महाभारत काल में भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं को प्रशिक्षित किया था।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सहस्रार्जुन द्वारा उनके पिता जमदग्नि के आश्रम से कामधेनु गाय को बलपूर्वक ले जाने और बाद में उनके पिता की हत्या से क्रोधित होकर परशुराम ने अन्याय के खिलाफ संकल्प लिया और 21 बार क्षत्रियों का संहार किया। यह कथा उनके न्याय और धर्म के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाती है।
कार्यक्रम में डब्बू मिश्रा, आशुतोष झा, पारस झा, आलोक कुमार, दीपानारायण ठाकुर, वेदपानी, रविशंकर झा, रुपेश कुमार, प्रभु कुमार, सुमन झा, सोनू देव, अंकु चौधरी, मिथुन कुमार, राजेश झा, मिट्ठू कुमार, प्रमोद झा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
