दरभंगा से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है, जहां जिला परिषद अध्यक्ष सीता देवी को अपने पद से हाथ धोना पड़ा है। गुरुवार को उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया, जिसके बाद उनकी कुर्सी चली गई।

जानकारी के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए अंबेडकर सभागार में विशेष बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक की अध्यक्षता अल्पसंख्यक पदाधिकारी सह प्रभारी डीएम मो. सलीम अख्तर ने की। कुल 47 सदस्यों वाली परिषद में से 27 सदस्य बैठक में उपस्थित हुए, जिनमें अध्यक्ष सीता देवी भी शामिल थीं। मतदान के दौरान उपस्थित 26 सदस्यों ने एकमत होकर सीता देवी के खिलाफ वोट दिया, जिससे अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया।

दरअसल, इससे पहले 6 अप्रैल को 47 में से 27 जिला परिषद सदस्यों ने सीता देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया था। सदस्यों ने उन पर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और विकास कार्यों में अनियमितता जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन्हीं आरोपों के आधार पर विशेष बैठक बुलाई गई थी।

बैठक के बाद प्रभारी डीएम मो. सलीम अख्तर ने आधिकारिक तौर पर अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब अध्यक्ष पद के लिए नए चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इसके लिए विभाग को पत्र भेजा जाएगा। विभागीय निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि सीता देवी 2024 में जन सुराज समर्थित प्रत्याशी के रूप में अध्यक्ष बनी थीं। उन्होंने 46 में से 28 सदस्यों का समर्थन हासिल कर यह पद जीता था। हालांकि, अब उन्हें बहुमत खोने की वजह से पद छोड़ना पड़ा है।

इस पूरे घटनाक्रम पर जिला पार्षद धीरेंद्र मिश्रा ने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी की मनमानी नहीं चल सकती और जो भी जनप्रतिनिधि अपनी सीमाओं से बाहर जाएगा, उसे जवाब देना होगा।

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