सहरसा के विधायक सह इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता शुक्रवार की रात सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण कर मरीजों से मुलाकात की और अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने कई खामियों पर नाराजगी जताई और मरीजों को दलालों के माध्यम से निजी अस्पतालों में भेजे जाने के मामले में सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए।

विधायक आईपी गुप्ता ने कहा कि रात में गुजरने के दौरान उन्होंने सदर अस्पताल की स्थिति देखने का फैसला किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि एक घायल मरीज, जिसका पैर टूटा हुआ था, उसे प्राइवेट अस्पताल भेजने की तैयारी की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल और निजी अस्पतालों के बीच मिलीभगत का खेल चल रहा है और दलाल सक्रिय होकर गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर भेज रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ सहरसा तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार के बड़े अस्पतालों जैसे आईजीएमएस और पीएमसीएच में भी दलालों का नेटवर्क सक्रिय है। गांवों से आने वाले मरीजों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है और उन्हें सरकारी अस्पतालों से प्राइवेट अस्पतालों की ओर मोड़ा जा रहा है।

विधायक ने कहा कि सदर अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से केंद्रीकृत हो चुकी है, जिसके कारण सिविल सर्जन के पास प्रभावी कार्रवाई करने का अधिकार नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोगी कल्याण समिति तक के फैसले स्वास्थ्य विभाग स्तर से लिए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर सुधार संभव नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने अस्पताल में कई दिनों से खराब पड़े सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम का भी मुद्दा उठाया और कहा कि सिविल सर्जन लगातार पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन पटना स्थित स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। विधायक ने कहा कि विभागीय लापरवाही के कारण आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

अंत में उन्होंने कहा कि बिहार में नई सरकार बनी है और वे उम्मीद करते हैं कि स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव लाकर आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी

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