सहरसा शहर के पटेल नगर स्थित पूर्वांचल संतमत सत्संग मंदिर, हटिया गाछी के पास, सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज की 142वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संत शाही सेवा संघ तथा अखिल भारतीय संतमत सत्संग महासभा के तत्वावधान में भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह भव्य शोभायात्रा और रथयात्रा के साथ हुई। यह शोभायात्रा सहरसा शहर के विभिन्न वार्डों से होकर निकाली गई और अंततः मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। शोभायात्रा में सैकड़ों महिला और पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तजन भजन-कीर्तन और जयघोष करते हुए पूरे मार्ग में भक्ति का माहौल बना रहे। श्रद्धालुओं के उत्साह और श्रद्धा से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
रथयात्रा के दौरान महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज के आदर्शों और उनके उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। इस अवसर पर लोगों ने गुरु महाराज के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम के उपरांत मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों सत्संग प्रेमियों और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। भक्तों ने भक्ति भाव से प्रसाद ग्रहण किया और गुरु महाराज को नमन किया।
संत शाही सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. धनोज कुमार ने कहा कि सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज अपने युग के महान संत थे। उन्होंने संतमत सत्संग के माध्यम से मानव कल्याण, आत्मिक शांति और सच्चे जीवन का संदेश समाज को दिया। उन्होंने कहा कि सत्संग को केवल सुनना ही नहीं, बल्कि उसे जीवन में अपनाना ही सच्चे कल्याण का मार्ग है।
उन्होंने महर्षि जी द्वारा रचित ग्रंथों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि आज भी उनके विचार समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम का समापन गुरु वंदना और शांति प्रार्थना के साथ हुआ।
