मजदूर दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan ने पूर्व मुख्यमंत्री Jitan Ram Manjhi के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में असंवेदनशील भाषा का प्रयोग बिल्कुल गलत है। उन्होंने विशेष रूप से “मर गया तो मर गया” जैसे बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा समाज में गलत संदेश देती है और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को अपने शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।
चिराग पासवान ने कहा कि राजनीति केवल बयानबाजी का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का दायित्व भी है। ऐसे में नेताओं को संवेदनशीलता, मर्यादा और जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम जनता अपने नेताओं से सहानुभूति और संवेदनशील व्यवहार की अपेक्षा करती है।
मजदूर दिवस के मौके पर उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि वह अपने आसपास किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय न होने दे। समाज के गरीब, मजदूर, वंचित और जरूरतमंद लोगों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना ही सच्ची राजनीति है। उन्होंने सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदनाओं को राजनीति का मूल आधार बताया।
दिल्ली में बिहार के एक युवक की हत्या पर भी चिराग पासवान ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केवल बिहारी होने के कारण किसी युवक के साथ भेदभाव या हिंसा होना अत्यंत निंदनीय है। देश के किसी भी नागरिक के साथ उसकी पहचान के आधार पर अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए क्षेत्रवाद की राजनीति पर भी निशाना साधा।
वहीं बिहार में अपराधियों के खिलाफ हो रहे एनकाउंटर को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे चुनिंदा कार्रवाई के आरोपों पर उन्होंने कहा कि जो लोग वर्षों से जातीय समीकरण की राजनीति करते रहे, वही अब कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई जरूरी है और सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
