फाइलेरिया उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान के तहत सहरसा जिले के बरियाही स्थित होमगार्ड कैम्प में शुक्रवार को एमडीए (Mass Drug Administration) कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष दवा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी उपस्थित होमगार्ड जवानों को फाइलेरिया से बचाव के लिए डीईसी (Diethylcarbamazine), आइवरमेक्टिन और एलबेंडाजोल की निर्धारित खुराक दी गई। अभियान का उद्देश्य समुदाय स्तर पर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना और शत-प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित करना है।

 

कार्यक्रम की शुरुआत स्वास्थ्य विभाग के एमओआईसी डॉ. अशोक कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में हुई। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया एक मच्छर जनित गंभीर रोग है, जो समय के साथ शरीर के विभिन्न अंगों में सूजन और विकृति उत्पन्न कर सकता है। इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय सामूहिक दवा सेवन है। उन्होंने जवानों से अपील की कि वे स्वयं दवा लेने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

 

शिविर के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने दवा सेवन की विधि, सावधानियां और संभावित हल्के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दवा लेने के बाद कुछ लोगों को हल्की उल्टी, सिरदर्द या चक्कर आ सकते हैं, जो सामान्य प्रतिक्रिया है और यह संकेत देता है कि दवा शरीर में मौजूद सूक्ष्म परजीवियों पर असर कर रही है।

 

कार्यक्रम में लगभग सभी जवानों ने स्वेच्छा से दवा का सेवन किया। इस अवसर पर बीएचएम ओम प्रकाश गुप्ता, वीबीडीएस संजय कुमार, पिरामल स्वास्थ्य से कुमार केशव एवं राजेश कुमार सिंह, तथा गृह रक्षा वाहिनी के इंस्पेक्टर भोला प्रसाद यादव, सूबेदार बिपिन बिहारी राजहंस और कमांडेंट संदीप कुमार की सक्रिय भागीदारी रही।

 

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में चल रहे एमडीए अभियान में भाग लें और दवा का सेवन कर फाइलेरिया मुक्त सहरसा के लक्ष्य को साकार करने में सहयोग दें।

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