बिहार के गया जिले में पुलिस विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है. गया सिविल कोर्ट के आदेश पर पंचानपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत 10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी-एसटी थाना में केस दर्ज किया गया है. मामला टिकारी अनुमंडल के पंचानपुर क्षेत्र का है. आरोपितों में तत्कालीन थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार, दारोगा चतुरानंद पांडे सहित कई पुलिस जवान शामिल हैं. इसके अलावा 30 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है.

यह कार्रवाई चैनपुरा गांव की 63 वर्षीय महिला की शिकायत पर हुई है. महिला ने कोर्ट में दिए बयान में आरोप लगाया कि 17 अक्टूबर 2024 की रात करीब 11:30 बजे पुलिस टीम उनके बेटे की तलाश में घर पहुंची थी. परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा घर पर नहीं है, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने जबरन घर में घुसने की कोशिश की.

पीड़िता के अनुसार, पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ दिया और परिवार के महिलाओं व पुरुषों के साथ मारपीट की. महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने, कपड़े फाड़ने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि पुलिसकर्मियों ने जान से मारने की कोशिश की.

पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस तीन बेटों को हिरासत में लेकर थाना ले गई थी, जहां उनके साथ बेरहमी से पिटाई की गई. एक बेटे राजनंदन पासवान का गला दबाकर हत्या की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया है.

मामले में नामजद पुलिस अधिकारियों का तबादला हो चुका है. तत्कालीन थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार फिलहाल अरवल जिले में तैनात हैं, जबकि दारोगा चतुरानंद पांडे की पोस्टिंग दरभंगा जिले में है. अन्य पुलिसकर्मी भी अलग-अलग थानों में पदस्थापित बताए जा रहे हैं.

एससी-एसटी थाना अध्यक्ष कमलेश राम ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर 7 मई को एफआईआर दर्ज की गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है.

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