बिहार के गोपालगंज में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद सियासी और कानूनी विवाद खड़ा हो गया है. वीडियो में जेडीयू विधायक अनंत सिंह की मौजूदगी के दौरान कुछ लोगों को हथियार लहराते हुए देखा गया, जिसके बाद पुलिस ने अनंत सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. अब इस पूरे विवाद पर कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाली डांसर अर्चना तिवारी ने अपना पक्ष रखा है.
अर्चना तिवारी ने कहा कि इस मामले की वजह से उनकी छवि खराब हुई है और सोशल मीडिया पर उन्हें गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “मैं एक सम्मानित परिवार से आती हूं. डांस करना मेरा पेशा है, लेकिन कुछ लोग मुझे गलत शब्दों से संबोधित कर रहे हैं, जो बेहद दुखद है. अनंत सिंह कला का सम्मान करते हैं.”
उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह का हथियार नहीं लहराया गया था और वायरल वीडियो को एडिट कर पेश किया गया है. अर्चना के मुताबिक, “मैं वहां सिर्फ डांस कर रही थी. लोग तालियां बजा रहे थे. जो हथियार वाला वीडियो वायरल हो रहा है, उसका मेरे कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है. किसी ने निजी दुश्मनी में यह मामला खड़ा किया है.”
वहीं, विधायक अनंत सिंह ने भी अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है. उन्होंने गोपालगंज पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना पर्याप्त जांच के कार्रवाई की गई है. अनंत सिंह ने कहा, “हमने कोई कानून नहीं तोड़ा है. यह सब साजिश के तहत किया गया है. पुलिस ने जल्दबाजी में केस दर्ज कर दिया.”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रशासन उन्हें गोपालगंज जाने से रोकता है तो वह निर्देशों का पालन करेंगे. हालांकि, उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है. विधायक ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके.
