धनबाद : लंबे इंतजार के बाद झारखंड में झारखंड पात्रता परीक्षा यानी जेट का आयोजन आखिरकार रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। करीब 18 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। परीक्षा का आयोजन झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा किया गया।

 

राज्य के छह जिलों—रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग और देवघर में कुल 435 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें धनबाद जिले में 70 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।

 

इस परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस बार व्यापक इंतजाम किए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। इसके साथ ही आइरिस यानी आंखों की पहचान से सत्यापन की भी व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या कदाचार को रोका जा सके।

 

प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार सभी केंद्रों पर तैनात रही और हर गतिविधि पर नजर रखी गई। अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने और सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रवेश की अनुमति दी गई।

 

यह परीक्षा राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों और उनके अंगीभूत कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के पदों के लिए पात्रता तय करने के साथ-साथ पीएचडी में नामांकन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को संतुलित और विषयपरक बताया। छात्रों का कहना था कि प्रश्न वही थे जो विश्वविद्यालय स्तर पर पढ़ाने के लिए जरूरी होते हैं। अधिकांश प्रश्न अनुसंधान आधारित थे, जिससे यह साफ है कि परीक्षा का स्तर उच्च और अकादमिक गुणवत्ता के अनुरूप रखा गया था।

 

लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस परीक्षा ने राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है। अब सभी अभ्यर्थियों को परिणाम का बेसब्री से इंतजार है, जो उनके शैक्षणिक और पेशेवर भविष्य की दिशा तय करेगा।

 

संवाददाता – चंदन सिंह, धनबाद

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *