तेहरान/नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान की नौसेना ने यहां से गुजर रहे दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग की, जिससे उन्हें अपना रास्ता बदलकर पश्चिम की ओर लौटना पड़ा। इस घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली में तैनात ईरानी राजदूत मोहम्मद फताअली को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
ईरानी मीडिया और तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) की नौसैनिक इकाइयों ने जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो भारतीय जहाजों को रोकते हुए चेतावनी फायरिंग की। इनमें से एक जहाज भारतीय झंडे वाला विशाल तेल टैंकर (VLCC) बताया जा रहा है, जिसमें करीब 20 लाख बैरल इराकी कच्चा तेल लदा था। जहाजों की पहचान ‘सनमार हेराल्ड’ और ‘जग अर्नव’ के रूप में की गई है।
टैंकर ट्रैकर्स डॉट कॉम ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि रेडियो संचार (चैनल 16) की रिकॉर्डिंग में ईरानी बलों द्वारा जहाजों को वापस लौटने के निर्देश और फायरिंग की बात सामने आई है।
इस बीच, ब्रिटेन की सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन (UKMTO) सेंटर ने भी एक टैंकर पर ईरानी गनबोट द्वारा फायरिंग की जानकारी दी, हालांकि किसी तरह के नुकसान या हताहत की खबर नहीं है।
दरअसल, यह घटना उस समय हुई जब ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा बंद करने का ऐलान किया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ परमाणु समझौते तक नाकेबंदी जारी रहेगी, जिसके बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरानी राजदूत को स्पष्ट किया कि भारत वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने ईरान से आग्रह किया कि भारतीय जहाजों के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन को जल्द बहाल किया जाए।
ईरानी राजदूत ने भारत की चिंताओं को अपने देश तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, इस घटना के बाद क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
