पटना के मसौढ़ी प्रखंड स्थित छाता गांव में तीन महीने पहले चोरी हुईं भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण की अष्टधातु मूर्तियां आखिरकार बरामद हो गई हैं. मूर्तियों के मिलने की खबर फैलते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और ‘जय श्री राम’ के नारों से इलाका गूंज उठा.
दरअसल, शाहाबाद पंचायत के कल्लू ठाकुरबाड़ी राम-जानकी मंदिर से 16 मार्च की रात चोरों ने गर्भगृह का ताला तोड़कर तीनों मूर्तियां चोरी कर ली थीं. मंदिर कमेटी के अनुसार मूर्तियों का कुल वजन करीब 45 किलो था और उन पर चांदी के मुकुट भी लगे थे. घटना के बाद गांव में भारी मायूसी और आक्रोश का माहौल था. ग्रामीण लगातार मूर्तियों की बरामदगी की मांग कर रहे थे.
सोमवार को लखनौर-बेदौली और शाहाबाद पंचायत की सीमा के पास एक अज्ञात बाइक सवार युवक तीनों मूर्तियां लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गया. स्थानीय लोगों ने मूर्तियों को पहचान लिया और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी. देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और श्रद्धा के साथ मूर्तियों को वापस मंदिर लाया गया.
मूर्तियों की वापसी पर गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला. ढोल-नगाड़ों के साथ ग्रामीणों ने जुलूस निकाला और भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए. रामनवमी से पहले हुई इस चोरी से गांव का धार्मिक उत्साह फीका पड़ गया था, लेकिन अब लोगों के चेहरों पर फिर मुस्कान लौट आई है.
मसौढ़ी थानाध्यक्ष विवेक भारती ने बताया कि पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी. पुलिस दबिश बढ़ने के कारण चोर मूर्तियों को छोड़कर भाग गए. मंदिर कमेटी के सचिव मुनदेव सिंह के बयान पर पहले ही अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
मंदिर कमेटी के अनुसार वर्ष 1935 में स्थापित कल्लू ठाकुरबाड़ी की ये मूर्तियां करीब 100 साल पुरानी हैं और पूरे गांव की आस्था का केंद्र मानी जाती हैं. अब पंचायत प्रतिनिधियों और मंदिर कमेटी ने वैदिक रीति-रिवाज के साथ जल्द प्राण-प्रतिष्ठा कराने की तैयारी शुरू कर दी है।


